Home Stories and Poems Sifar

Sifar

27
0
SHARE

नींद बहुत आती है मुझे आज कल…
सोचता हूँ हमेशा के लिए सो जाऊं…

अपने सपनो में ही खो जाऊं, मुस्कुराऊँ फिर बेवजह मैं…
और फिर, बेवजह ही रो जाऊं…

फिर, बेफिक्र दौडूँ मैदानों में…
यूं उढूं, के आसमानों को छू आऊँ…

माँ की डांट से बच्च निकलकर…
दोस्तों के पीछे पीछे फिर खेलने पहुँच जाऊं…

एक ज़रा सी चोट से सिहर कर…
पापा से लिपटूं फिर सुख में रोह जाऊं…

न उदासी हो इश्क की मार में…
हर हसीं-ओ-जबीं का मासूम आशिक हो जाऊं…

कुछ देर और ज़रा…
मैं सो जाऊं….