सफ़र

journey

 सोये सोये से कुछ सपने इन आँखों में, खोये खोये कुछ अरमान उगते सूरज की किरणों में है इन्हें उम्मीद की तलाश सुबह के उजालों में होगी मंजिल से पहचान मगर राह भटके ये मुसाफिर, ना पता  जाना है किस डगर कभी भटक के ये चले, कभी चलके ये भटके हर दिन नया, हर सुबह नई मुझसे ये कहती रही चल आ आजमा ले किस्मत अपनी आज फिर क्या पता इन्ही राहों पर  मिल जाये तुझे उम्मीद कोई ! पल पल एक सफ़र नया और कुछ इसी तरह बढ़ रहा है ये सफ़र ! नए सफ़र […]